[1]
महोब्बत की कश्ती में सोच समज कर सवार होना मेरे दोस्त..
जब ये चलती है तो किनारा नहीं मिलता और जब डूबती है तो सहारा नहीं मिलता..।।
[2]
हवा चुरा ले गयी मेरी ग़ज़लों की किताब..
देखो,
आसमां पढ़ के रो रहा है
और तुम खुश हो कि बारिश हो रही है..।।
[3]
मैं लिखता हुं सिर्फ दिल बहलाने के लिए वर्ना..
जिस पर प्यार का असर नही हुआ..
उस पर अल्फाजो का क्या असर होगा..।।
[4]
वक्त अच्छा हो तो मजाक भी अच्छी लगती है,
वरना अच्छी बात भी मजाक में उड़ जाती है l
[5]
आपसे कभी हम खफ़ा हो नहीं सकते,
वादा किया है तो बेवफा हो नहीं सकते,
आप भले ही हमें भुलाकर सो जाओ,
मगर हम आपको याद किये बिना सो नहीं सकते।

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