[1]
थक जाओ जब दुनिया की महफिलो से,
तो आवाज लगा देना,
हम आज भी अकेले ही रहते हैं।
[2]
बार बार रफू करता रहता हूँ जिन्दगी की जेब..
कम्बखत फिर भी निकल जाते हैं खुशियों के कुछ लम्हें...
ज़िन्दगी में सारा झगड़ा ही ख़्वाहिशों का है...
ना तो किसी को गम चाहिए और ना ही किसी को कम चाहिए..।।
[3]
कद्र कर अपने चाहने वाले की
ए जान-ए-हयात
कि चाहने वाला किस्मत से मिला करता है
वरना
उम्र गुजर जाती है लोगों की
एक चाहत के इंतजार में...।।
[4]
"इलाईची के दानों सा,
मुक़द्दर है अपना...!
महक उतनी ही बिखरी...
जितने पीसे गए"..!!
[5]
तुम रहो आँखों के सामने तो गीत कोई अधूरा रहता नही, जज़्बात बहते रहते हैं और तुम खुद ग़ज़ल बन जाती हो, लोग कहते है की मोहब्बत मे सिर्फ़ दर्द ही मिल पाता है, सच तो है की तुम मेरे हर दर्द की दावा बन जाती हो.।।

No comments:
Post a Comment